नई दिल्ली: लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन से जारी तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह लेह के दौरे पहुंचे हैं। उनके साथ सीडीएस बिपिन रावत और सेना प्रमुख नरवणे भी मौजूद हैं। राजनाथ सिंह फॉरवर्ड पोस्ट पर भी जाएंगे। रक्षा मंत्री हालात की समीक्षा करने के साथ देश की सैन्य तैयारियों का भी जायजा लेंगे। LAC पर सुरक्षा हालात का जायजा लेने के बाद रक्षा मंत्री रात में श्रीनगर आ जाएंगे। बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद अब रक्षामंत्री के लेह दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका ये दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और चीन तनातनी वाले स्थानों से सैनिकों को पूरी तरह पीछे हटाने के लिए एक कार्ययोजना को अंतिम रूप देने की ओर बढ़ रहे हैं।
Ladakh: Defence Minister Rajnath Singh, Chief of Defence Staff General Bipin Rawat and Army Chief General MM Naravane at Stakna, Leh. pic.twitter.com/2OUOLyJHwE
— ANI (@ANI) July 17, 2020
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार सुबह भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के जरिए दिल्ली से लेह के कुशक बाकुला रिंपोशे एयरपोर्ट पर पहुंचे। लेह एयरपोर्ट पर लद्दाख के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल और सेना की 14वीं कोर के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राजनाथ सिंह अपने इस दौरे में सैन्य अधिकारियों के साथ एलएसी की स्थितियों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वह अस्पताल में भर्ती उन जवानों से भी मुलाकात कर सकते हैं, जो कि गलवान घाटी में हुई झड़प में घायल हुए थे। राजनाथ सिंह यहां पर सुरक्षा एजेंसियों और सैन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक में भी हिस्सा लेंगे।
#WATCH Ladakh: Troops of Indian Armed Forces carry out para dropping exercise at Stakna, Leh in presence of Defence Minister Rajnath Singh, Chief of Defence Staff General Bipin Rawat and Army Chief General MM Naravane. pic.twitter.com/TX4eVOkeT0
— ANI (@ANI) July 17, 2020
आपको बता दें कि इससे पहले राजनाथ सिंह का 2 जुलाई को लद्दाख जाने का प्रोग्राम था, लेकिन टाल दिया गया। उसके अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लद्दाख पहुंच गए। इस दौरान पीएम ने सेना के जवानों का हौसला बढ़ाया साथ ही घायल सैनिकों से अस्पताल में मिलने भी पहुंचे थे। पीएम मोदी ने चीन से झड़प में शामिल जवानों का हौसला बढ़ाया और चीन को चुनौती देते हुए उसकी विस्तारवादी नीति पर निशाना साधा। मोदी के दौरे के 2 दिन बाद यानी 5 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन के विदेश मंत्री वांग यी से वीडियो कॉल पर बात हुई। उसके बाद चीन झुक गया और लद्दाख के विवादित इलाकों से अपनी सेना हटाने को राजी हो गया। पहले फेज का डिसएंगेजमेंट पूरा भी हो चुका है।
Ladakh: Defence Minister Rajnath Singh witnessing para dropping and scoping weapons at Stakna, Leh. pic.twitter.com/l5jDFEQ2Oo
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हालांकि, दूसरे फेज में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। सूत्रों का कहना है कि पैंगोग त्सो और देपसांग इलाकों में चीन विवाद से पहले की स्थिति में लौटने को तैयार नहीं हो रहा। इस मुद्दे पर भारत-चीन के बीच मंगलवार को लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की बातचीत हुई जो साढ़े चौदह घंटे चली थी।
Ladakh: Troops of Indian Armed Forces carry out para dropping exercise at Stakna, Leh in presence of Defence Minister Rajnath Singh, Chief of Defence Staff General Bipin Rawat and Army Chief General MM Naravane. https://t.co/6k8PjTgKKq pic.twitter.com/qC5q03AYQ4
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आपको बता दें कि लद्दाख के गलवान घाटी में एलएसी पर 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों की झड़प हुई। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए। दावा है कि चीन के भी 43 सैनिक मारे गए. हालांकि, चीन ने इसकी पुष्टि नहीं की।
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